IPL फ्रेंचाइजी विदेशी खिलाड़ियों पर क्यों लगती है ज्यादा पैसे
आईपीएल फ्रेंचाइजी विदेशी खिलाड़ियों पर क्यों लगती है ज्यादा पैसे
दोस्तों जैसा कि आप लोगों ने देखा कि आईपीएल का एक्शन चालू हो चुका है ।जिसमें सभी लोगों ने अपना बेस प्राइस रखा हुआ था। और बेस प्राइस के अनुसार सभी टीम की जो ipl फ्रेंचाइजी है । वह अपना खिलाड़ी सेलेक्ट कर रही है। कुछ खिलाड़ी जो पुराने थे, उसको रिटर्न कर रही है ।और कुछ नए खिलाड़ी पर दाव लगा रही है। इस साल की जो आईपीएल 2024 की जो सबसे महंगे खिलाड़ी रहे वह मिचेल स्टार्क है ।
आईपीएल 2024 की जो सबसे महंगे खिलाड़ी रहे वह मिचेल स्टार्क है ।
अभी ऑप्शन चालू हो रहा था ।उससे पहले जो पेंट कमीज थे जो हाल ही में ऑस्ट्रेलिया टीम के कप्तान थे। जिन्होंने ओडीआई में भी बहुत अच्छा किया है वह उसको हैदराबाद ने 20 करोड रुपए में खरीदा है ।लेकिन जो मिचेल स्टार्क है, उसको सबसे महंगे कोलकाता ने खरीदा है। इसी के साथ ही यह लिस्ट बहुत ही लंबी होती जा रही है ।जिसमें विदेशियों खिलाड़ियों पर बहुत ही ज्यादा पैसा लगाया जा रहा है।
भारतीयों को ज्यादा पैसा क्यों नहीं मिलता है ?
आखिर यहां पर क्या गलती हो रही है कि भारतीय खिलाड़ी को उतना पैसा नहीं मिल पाता है। जितना विदेशी खिलाड़ियों को मिल पाता है। हाल ही में जो आप लोगों ने देखा हमारे पास सूर्य , विराट कोहली , श्रेयस , राहुल ,जसप्रीत बुमराह ,मोहम्मद शमी है ।इन सब खिलाड़ियों में भी बहुत सारी क्वालिटी है। लेकिन फिर भी भारतीय जो फ्रेंचाइजी है ।आईपीएल फ्रेंचाइजी है, वह विदेशी खिलाड़ियों पर ही पैसा लगती है ।
आईपीएल फ्रेंचाइजी है, वह विदेशी खिलाड़ियों पर ही पैसा लगती है ।
इसका सबसे और सबसे मुख्य कारण है कि जो विदेशी खिलाड़ी है। वह ज्यादातर मुश्किलों में अच्छा बैटिंग करते हैं या फिर मुश्किलों में अच्छा बोलिंग करते हैं । वे भारतीय कंडीशन में अच्छे से खेल पाते हैं। लेकिन भारतीय खिलाड़ियों की सबसे बड़ी कमजोरी यह है ,कि भारतीय खिलाड़ी अच्छे जब कंडीशन चल रहा ,तो अच्छा खेलते हैं। जैसे ही कंडीशन खराब होती है, भारतीय प्लेयर की लाइन और लेंथ सब खराब हो जाती है। बल्लेबाज जल्दी आउट हो जाते हैं। गेंदबाजी में भी धार नहीं नजर आती है जो ओरिजिनल में होना चाहिए ।
भारतीय खिलाडियों से होती है ये गलतियां
लेकिन विदेशी खिलाड़ियों के साथ ऐसा कुछ नहीं होता है ।ऐसा नहीं है कि सबके साथ ऐसा ही होता है ।कुछ कुछ गिने-चुने खिलाड़ी हैं। जिनका जो है वह जो लॉक है या जो लाइन और लेंथ है बैटिंग है। वह हर कंडीशन में सही और बुरे कंडीशन में जब टीम को ज्यादा जरूरत होती है। तो भारतीय खिलाड़ियों में जो भी वैसे प्लेयर है उनको भारतीय फ्रेंचाइजी यानी आईपीएल फ्रेंचाइजी उनको वह रकम देती है। लेकिन फिर भी वह ज्यादा चांस विदेशी खिलाड़ियों पर ही लगाने के चक्कर में रहती है।
आप इस बारे में क्या सोचते है । कॉमेंट जरूर कीजिए।

Post a Comment